Test ch 4
संधारित्र तथा परावैद्धुत || भौतिकी हिंदी नोट्स || Kumar Mittal Physics class 12 chapter 4 notes in Hindi चालक तथा विद्धुतरोधी अथवा परावैद्युत विद्युत व्यवहार के आधार पर पदार्थ मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं — (1) चालक (Conductors) (2) कुचालक अथवा विद्युतरोधी (Insulators) (1) चालक (conductors) — वे पदार्थ जिनमें बाह्य विद्युत क्षेत्र लगाने पर बहुत अधिक आवेश वाहक गतिमान हो जाते हैं, चालक कहलाते हैं। अथवा वे पदार्थ जिनमें धारा का प्रवाह सरलता से होता है, चालक अथवा सुचालक कहलाते हैं। जैसे— लोहा, तांबा, एल्युमिनियम, चांदी, पारा आदि। (2) विद्युतरोधी अथवा परावैद्युत (Insulators) — वे पदार्थ जो अपने में से विद्युत आवेश को प्रवाहित नहीं होने देते हैं, परावैद्युत कहलाते हैं। अथवा वे पदार्थ जिनमें बाह्य विद्युत क्षेत्र लगाने पर आवेश वाहक गतिमान नहीं होते हैं, कुचालक कहलाते हैं। अथवा वे पदार्थ जिनमें धारा का प्रवाह संभव नहीं होता है, विद्युतरोधी अथवा परावैद्युत अथवा कुचालक कहलाते हैं। जैसे— कांच, रबण, अभ्रक, लकड़ी, कागज, शुष्क वायु आदि। अर्द्धचालक (Semi Conductors) — वे पदार्थ जिनकी ...